बारां , अप्रैल 19 -- राजस्थान में बारां जिले के वन्यजीव प्रेमियों के लिये एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से निकला चीता केपी-3 लंबा सफर तय करके अब बारां जिले के शेरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में पहुंच गया है।
इसी चीते का भाई केपी -2 पहले ही तीन महीने तक बारां जिले में विचरता हुआ कोटा जिले की सीमा से अन्य जिले की ओर बढ़ रहा है। वन विभाग के अनुसार, केपी-3 ने बारां जिले में आने के बाद अब तक आठ शिकार किए हैं, जिससे स्पष्ट है कि वह नए क्षेत्र में तेजी से खुद को ढाल रहा है। चीते के स्थान की तलाश के लिए उसकी रेडियो कॉलर आईडी के जरिए निगरानी की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, केपी-3 की पिछले कुछ दिनों से शेरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में लगातार गतिविधियां बनी हुई हैं। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मप्र और बारां के विशेष दलों को तैनात किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीते नए क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से निवास कर पाते हैं, तो यह उनके दीर्घकालिक संरक्षण के लिए बेहतर संकेत है।
उधर बारां वन मंडल ने शेरगढ़ और आसपास के गांवों में चेतावनी जारी कर दी गयी है। ग्रामीणों को जंगल में अकेले नहीं जाने, मवेशियों को सुरक्षित रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने का आग्रह किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शेरगढ़ अभयारण्य में चीते की मौजूदगी स्थिर रहती है, तो यह क्षेत्र भविष्य में वन्यजीव पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बन सकता है। हालांकि फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षा और निगरानी पर ही रखी गई है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार केपी-3 का इतना लंबा सफर तय करना उसकी अनुकूलन क्षमता और प्राकृतिक प्रवृत्ति को दर्शाता है। चीता का यहां आना उसके भविष्य के लिए अहम जानकारी भी उपलब्ध कराएगा। फिलहाल वन विभाग के दल लगातार उसकी टाेह ले रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित