बारां , फरवरी 15 -- राजस्थान में बारां जिले की सीमा से सटे मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान से आये चीता केपी-2 बारां जिले और मध्यप्रदेश की सीमा पर जंगलों में मंडरा रहा है।

वन विभाग के उप वन संरक्षक (डीसीएफ) वी. मणिकराव बड़े ने रविवार को बताया कि चीता आज भी इस क्षेत्र में विचरण करता रहा।

इससे पहले शनिवार सुबह बारां जिले के बांझ आमली, खंडेला संरक्षित क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। यह क्षेत्र कूनो से करीब 70 किलोमीटर दूर बताया गया है। इस सूचना पर बारां वन विभाग सजग हो गया और इसकी कूनो प्रबंधन को सूचना दी। दोनों विभागों के दलों ने चीते की निगरानी रखी।

श्री बड़े ने बताया कि चीता केपी -2 सुरक्षित रूप से कभी बारां जिले की सीमा में तो कभी मध्य प्रदेश के जंगलों की ओर आवाजाही करता दिखाई दे रहा है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि यह बारां जिले के जंगलों से रुखसत हो गया हो।

उल्लेखनीय है कि बारां जिले के शाहबाद आमली और रामगढ़ संरक्षित क्षेत्र कूनो राष्ट्रीय उद्यान से सटा है। इसी प्राकृतिक गलियारे के जरिए ही वन्यजीवों की यहां आवाजाही बनी रहती है। इन्हीं रास्ते से पहले भी कई मर्तबा चीते बारां के बियाबान जंगलों तक पहुंचे हैं। पहले भी केपी -2 चीता बारां जिले के रामगढ़ क्षेत्र में करीब 17 दिनों तक पड़ाव डाले रहा।

वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में वह रामगढ़ से करीब 20 किलोमीटर दूर आमली , खंडेला के आसपास के जंगलों में दिख रहा है। कभी मध्य प्रदेश में जंगलों की ओर भी घूमता रहता है।

सूत्रों ने बताया कि बारां जिले का बांध आमली क्षेत्र राजस्थान का सबसे बड़ा वन खंड माना जाता है। यह करीब 16 हजार किलोमीटर क्षेत्र में फैला है, जिसमें से 14 हजार 621 हेक्टेयर को संरक्षण क्षेत्र घोषित किया गया है। करीब 146 वर्ग किलोमीटर का यह संरक्षित क्षेत्र मध्य प्रदेश सीमा से सटा है।

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