रांची , जुलाई 24 -- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जुड़े विवादों के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद को तत्काल पद से हटाने और उनकी कथित आय से अधिक संपत्ति की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने की मांग की है।
श्री मरांडी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि जमाल अहमद ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर चल एवं अचल संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने दावा किया कि रांची में उनके नाम पर एक आलीशान फ्लैट है, जबकि हजारीबाग में भी उनकी बेनामी संपत्तियों की चर्चाएं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमाल अहमद की नियुक्ति पहले से ही जांच के दायरे में रही है, ऐसे में उन्हें जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था का सदस्य बनाया जाना उचित नहीं था।
श्री मरांडी ने कहा कि आयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में विवादित छवि वाले व्यक्ति की मौजूदगी से राज्य के युवाओं का विश्वास कमजोर होता है और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जमाल अहमद की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और आय के सभी स्रोतों की एसीबी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
श्री मरांडी ने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने तक जमाल अहमद को उनके पद से तत्काल हटाया जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके तथा आयोग की साख बनी रहे।
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