रांची , फरवरी 14 -- झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाया।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद हिरासत में बंद व्यक्ति को रिहा करने के बजाय नई एफआईआर दर्ज कर उसे कस्टडी में रखने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने एसीबी और झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि इससे हेमंत सरकार में पुलिस व एसीबी के दुरुपयोग का चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने पिछले छह वर्षों से सीएम सोरेन द्वारा घोटालों को छिपाने, राजनीतिक विरोधियों को डराने और फर्जी मुकदमों में फंसाने के लिए एसीबी, सीआईडी व पुलिस का मोहरा बनाए जाने का आरोप लगाया। श्री मरांडी ने अवैध डीजीपी नियुक्ति और एसीबी को भ्रष्टाचारियों के हवाले करने का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि 'मैं पूरी जिम्मेदारी से कहता हूं कि पुलिस आज सबसे बड़ा गुंडा बन चुकी है। वर्दी तो पुलिस की पहन रहे हैं, लेकिन अपराधी जैसे काम कर रहे हैं,' श्री मरांडी ने कहा। उन्होंने अवैध खनन, रंगदारी, वसूली, जमीन, बालू-पत्थर, शराब के काले धंधों और फर्जी केसों में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता का खुलासा किया।

सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आने वाले इस मामले पर चेतावनी देते हुए श्री मरांडी ने कहा कि सत्ता के प्रभाव में अपराध करने वाले अधिकारी समझ लें कि हेमंत सोरेन उन्हें कोर्ट में नहीं बचाएंगे। विनय चौबे का हश्र इसका उदाहरण है। भाजपा नेता ने वादा किया कि हेमंत सरकार के कुकर्मों में सहयोगी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और भाजपा इस संघर्ष को जारी रखेगी।

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