रांची , फरवरी 16 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है।

श्री मरांडी ने आज आरोप लगाया कि अस्पतालों की बदहाली, वेंटिलेटर की कमी, दवाइयों के अभाव और जर्जर सड़कों के कारण प्रतिदिन लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

श्री मरांडी ने कहा कि राज्य की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार लोगों की तस्वीरें तक एक खराब एम्बुलेंस के दरवाजे पर लगी हैं, जबकि मरीज इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को आम जनता की पीड़ा से कोई सरोकार नहीं है और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के माथे पर शिकन तक नहीं है।

श्री मरांडी ने यह भी कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री के गांव की हालत दयनीय है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीणों को आज भी खाट-एम्बुलेंस के सहारे मरीजों को अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। उन्होंने नेमरा गांव की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां का दृश्य बेहद व्यथित करने वाला है और यह सरकार की उपेक्षा का परिणाम है।

श्री मरांडी ने कई सवाल खड़े करते हुए पूछा कि क्या आदिवासी और ग्रामीण समाज केवल सत्ता तक पहुंचने का माध्यम बनकर रह गए हैं? क्या पद का अहंकार इतना बढ़ गया है कि अपने ही गांव के लोगों के कष्ट दिखाई नहीं देते? उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि क्या एक महिला की जान बचाना सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी? क्या एम्बुलेंस का रखरखाव करना इतना कठिन है? उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाहियों का खामियाजा आम जनता अपनी जान देकर चुका रही है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब सरकार को देना।

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