रांची , मार्च 22 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कुख्यात अपराधी प्रिंस खान को राजनीतिक संरक्षण मिलने की बात कही है।
श्री मरांडी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। श्री मरांडी ने कहा कि इन दिनों धुरंधर फिल्म के जरिए विदेश में बैठकर भारत में आतंक फैलाने वाले नेटवर्क, उनकी फंडिंग और राजनीतिक संरक्षण जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों से झारखंड में भी इसी तरह की साजिश चल रही है।
श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि प्रिंस खान का आतंक राज्य में लगातार बढ़ रहा है और पुलिस की शह व राजनीतिक संरक्षण के कारण उसका फर्जी पासपोर्ट बना, जिससे वह दुबई भागने में सफल रहा। मरांडी के अनुसार, प्रिंस खान झारखंड में पंजाब के रास्ते पाकिस्तान निर्मित हथियार और ड्रग्स की सप्लाई का रैकेट भी चला रहा है।
हाल ही में रांची में एक रेस्टोरेंट कर्मी की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जांच में प्रिंस खान के करीबी राणा राहुल सिंह का नाम सामने आया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राणा राहुल सिंह को रांची पुलिस द्वारा बॉडीगार्ड उपलब्ध कराया गया था और इसके पीछे किसी हाईप्रोफाइल व्यक्ति की पैरवी होने की बात सामने आई है।
मरांडी ने कहा कि राणा राहुल सिंह की एक तस्वीर अविनाश कुमार (मुख्य सचिव) के साथ सामने आई है। हालांकिश्री मरांडी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी के साथ तस्वीर होना सीधे तौर पर संबंध या संरक्षण का प्रमाण नहीं होता, लेकिन इससे एक नेटवर्क की आशंका जरूर पैदा होती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले और कथित नेटवर्क की गहन जांच कराने की मांग की है। साथ ही गृह मंत्रालय से भी आग्रह किया कि वायरल ऑडियो के कारण चर्चा में आए पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की संपत्ति और प्रिंस खान को विदेश भगाने में उनकी संभावित भूमिका की जांच कराई जाए।
श्री मरांडी ने यह भी मांग की कि मुख्य सचिव के साथ सामने आई तस्वीर की सत्यता और उससे जुड़े संभावित लिंक की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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