इस्लामाबाद , सितम्बर 15 -- बाबर आज़म मौजूदा प्रेसिडेंट्स ट्रॉफ़ी ग्रेड 1 फ़र्स्ट-क्लास टूर्नामेंट में ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (ओजीडीसीएल) के लिए खेलेंगे। उन्हें टीम ने गेस्ट प्लेयर के तौर पर अपने साथ जोड़ा है।

क्रिकइंफो को मिली जानकारी के मुताबिक़ पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान ने पीसीबी से उन्हें किसी टीम में शामिल करने का अनुरोध किया था, ताकि वह लंबे फ़ॉर्मेट में ख़ुद को तरोताज़ा रख सकें। इसके बाद बोर्ड ने ओजीडीसीएल के साथ उन्हें जोड़ा है।

बाबर ने दिसंबर 2022 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में कोई शतक नहीं लगाया है। तब उन्होंने कराची में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ ड्रॉ रहे टेस्ट में 161 रन बनाए थे। 2023 की शुरुआत से टेस्ट में उनकी औसत 30.43 रही है, जो इस फ़ॉर्मेट में उनके करियर औसत से 12.55 रन कम है।

इस दौरान 39 पारियों में बाबर ने सिर्फ़ आठ अर्धशतक लगाए हैं। इसमें एक ऐसा दौर भी आया, जब वह लगातार 18 पारियों तक 41 रन से आगे नहीं बढ़ सके। हालांकि उनके पिछले पांच टेस्ट में चार अर्धशतक आए हैं। अपने आख़िरी टेस्ट शतक के बाद से उनका सबसे बड़ा स्कोर 88 रन रहा है, जो उन्होंने पिछले महीने वेस्टइंडीज़ दौरे के दूसरे और आख़िरी टेस्ट में जीत वाली पारी में बनाया था। उस जीत के साथ पाकिस्तान ने जुलाई 2023 के बाद पहली बार विदेश में टेस्ट मैच जीता और लगातार आठ विदेशी टेस्ट हार का सिलसिला भी ख़त्म किया था।

बाबर की ख़राब फ़ॉर्म पाकिस्तान क्रिकेट में चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। पूर्व क्रिकेटर अक्सर सार्वजनिक मंचों पर उनकी तकनीक का बारीकी से विश्लेषण करते रहे हैं।

हाल ही में इंग्लैंड के तीन टेस्ट के दौरे ने इस बहस को और हवा दे दी। पाकिस्तान सीरीज़ में 0-3 से हार गया और लॉर्ड्स और एजबेस्टन में इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ों ने शॉर्ट बॉल के ख़िलाफ़ बाबर की कमज़ोरी का फ़ायदा उठाया। जबकि चोट की वजह से वह हेडिंग्ले में हुआ पहला टेस्ट नहीं खेल पाए थे।

अपनी ख़राब फ़ॉर्म के बावजूद बाबर ज़्यादातर घरेलू फ़र्स्ट-क्लास क्रिकेट से दूर ही रहे हैं। पिछले हफ़्ते जब पीसीबी ने इस सीज़न की प्रेसिडेंट्स ट्रॉफ़ी और प्रेसिडेंट्स कप के लिए टीमों का ऐलान किया था, तब वह आठ में से किसी भी टीम का हिस्सा नहीं थे।

आख़िरी बार बाबर ने 2019 में घरेलू फ़र्स्ट-क्लास टूर्नामेंट खेला था। तब उन्होंने अब बंद हो चुकी सेंट्रल पंजाब टीम की कप्तानी करते हुए फ़ाइनल में नॉर्दर्न को हराकर क़ायदे-आज़म ट्रॉफ़ी का ख़िताब जीता था। उस सीज़न में यह बाबर का सिर्फ़ दूसरा घरेलू फ़र्स्ट-क्लास मैच था। उस समय पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर था और श्रीलंका की मेज़बानी कर रहा था। यह 2009 की घटनाओं के बाद पाकिस्तान में खेली गई पहली टेस्ट सीरीज़ थी।

2015 के बाद यह भी इकलौता सीज़न था, जब बाबर ने एक सीज़न में एक से ज़्यादा घरेलू फ़र्स्ट-क्लास मैच खेले थे।

घरेलू फ़र्स्ट-क्लास क्रिकेट खेलने का बाबर का फ़ैसला ऐसे समय आया है, जब कई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों ने इस सीज़न की प्रेसिडेंट्स ट्रॉफ़ी में खेलने का फ़ैसला किया है। इनमें सबसे बड़े नाम शाहीन शाह अफ़रीदी और सलमान आगा हैं।

हाल के वर्षों में टेस्ट क्रिकेट और आईसीसी टूर्नामेंटों में पाकिस्तान के बेहद ख़राब प्रदर्शन के बाद लगातार यह मांग उठती रही है कि पाकिस्तान के नियमित खिलाड़ी घरेलू फ़र्स्ट-क्लास टूर्नामेंट में ज़्यादा खेलें।

इसमें कुछ हद तक मजबूरी भी है। पीसीबी के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक़ ए कैटेगरी (टेस्ट विशेषज्ञ) के खिलाड़ियों को एक साल में कम से कम छह फ़र्स्ट-क्लास मैच और एबी कैटेगरी (टेस्ट और वनडे विशेषज्ञ) के खिलाड़ियों को कम से कम चार फ़र्स्ट-क्लास मैच खेलना ज़रूरी है। बीसी कैटेगरी, जिसमें व्हाइट-बॉल विशेषज्ञ यानी वनडे और टी 20 खिलाड़ी आते हैं, उन्हें कम से कम दो फ़र्स्ट-क्लास मैच खेलने होते हैं।

पाकिस्तान इस समय आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नौवें स्थान पर है और नौ टीमों वाली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में सबसे नीचे है। पिछले चक्र में भी उसकी यही स्थिति थी।

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