पटना, अप्रैल 18 -- ाष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 18 अप्रैल को चम्पारण कोर्ट में दिए गए ऐतिहासिक बयान के 109 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को बापू टावरकी ओर से 'चम्पारण और गांधी' विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर विषय प्रवेश के दौरान बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने गांधी दर्शन की वर्तमान उपयोगिता और चम्पारण की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पत्रकार- सह-लेखक पुष्यमित्र ने अपना मनतव्य रखा और उन्होंने गांधी जी के बयान तथा इस दिन को स्वतंत्रता संग्राम का टर्निंग प्वाइंट बताया।

मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार, निदेशक, टेलिकॉम ने महात्मा गांधी के सात सामाजिक पापों की व्याख्या करते हुए आगाह किया कि प्रकृति प्रदत्त संसाधनों का समझ-बूझ कर उपयोग किया जाए न कि लालच में अत्यधिक दोहन किया जाए।

वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में गांधी, चम्पारण एवं राजकुमार शुक्ल पर किये गए शोध एवं अपनी लेखन के माध्यम से प्रसिद्ध गांधीवादी लेखक भैरव लाल दास ने चम्पारण के किसानों की वास्तविक स्थिति और राजकुमार शुक्ल के निर्णायक भूमिका के बारे में विस्तारपूर्वक अपनी बात रखी।

इस अवसर पर मंच संचालन अरूण कुमार पाठक, अवर सचिव, बापू टावर, अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ. कुमार वरूण, सहायक प्राध्यापक, हिन्दी विभाग, ए.एन. कॉलेज के द्वारा और कार्यक्रम की समाप्ति ललित कुमार सिंह, उप निदेशक, बापू टावर के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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