पटना , मई 30 -- राजधानी पटना के बापू टावर में 15 मई से 30 मई 2026 तक आयोजित सुप्रसिद्ध कलाकार अलका दास की एकल मिथिला पेंटिंग प्रदर्शनी का शनिवार को समापन हो गया। इस अवसर पर कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण तथा उनके बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अशोक कुमार सिन्हा, अपर निदेशक, बिहार म्यूजियम ने मिथिला पेंटिंग के इतिहास और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोक कलाओं का समय के साथ बदलना उनके निरंतर अस्तित्व के लिए आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न प्रसिद्ध कलाकारों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि कला को जीवंत बनाए रखने के लिए नवाचार जरूरी है।

विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ कलाकार कौशिक कुमार झा ने कहा कि मिथिला पेंटिंग का आकर्षण केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में भी इसकी व्यापक पहचान है। उन्होंने विदेशी कला प्रेमियों और कलाकारों द्वारा भारतीय कलाकारों को दिए जाने वाले सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे मिथिला कला को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।

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