ऋषिकेश , जनवरी 31 -- उत्तराखंड के रिषीकेश में वन विभाग के सर्वे से प्रभावित बापू ग्राम एवं आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग अपनी जमीन और भवन बचाने के लिए एकजुट हो गए हैं।
बापू ग्राम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले क्षेत्रवासी दो फरवरी को विशाल रैली निकालकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ हुंकार भरेंगे।
शनिवार को मालवीय नगर में पत्रकारों से मुख़ातिब होते हुए समिति के सह-संयोजक रविंद्र सिंह राणा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद बापू ग्राम, मालवीय नगर, गीता नगर, मीरा नगर, शिवाजी नगर और अमित ग्राम के हजारों परिवार पिछले 20 दिनों से आंदोलनरत हैं।
उन्होंने कहा कि लोग अपने आशियाने उजड़ने के भय में जी रहे हैं। समिति द्वारा 20 फरवरी तक सर्वोच्च न्यायालय में पुनः याचिका दायर की जाएगी, ताकि प्रभावितों को न्याय मिल सके।
इस मौके पर क्षेत्रीय पार्षद सत्या कपरुवान ने सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किए जा रहे तथ्यों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकारी वकील द्वारा दी जा रही जानकारी जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। कपरुवान के अनुसार वर्तमान में इस पूरे क्षेत्र में 14 से 15 हजार परिवार निवास कर रहे हैं, जिनकी कुल आबादी लगभग 60 से 70 हजार के बीच है।
संघर्ष समिति के संयोजक रमेश जुगलान ने बताया कि दो फरवरी को सभी प्रभावित लोग आईडीपीएल हॉकी ग्राउंड में एकत्र होंगे। यहां से रैली हरिद्वार रोड, त्रिवेणी घाट तिराहा होते हुए रेलवे रोड के रास्ते एसडीएम कार्यालय पहुंचेगी। वहां एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह रैली केंद्र और राज्य सरकार को चेताने के साथ-साथ प्रभावित लोगों की आवाज को मजबूती से राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
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