पटना , अप्रैल 14 -- राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सम्राट चौधरी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल का नेता बनने के बाद कहा कि श्री कुमार बापू और अंबेडकर के विचारों को नजरंदाज कर गोडसेवादी विचारधारा को बिहार में सत्ता सौंप कर चले गए।

श्री यादव ने आज बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम में भाग लिया और कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हीं के हाथों में प्रदेश की कमान सौप दी है, जो राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, कर्पूरी ठाकुर और संविधान के निर्माता बाबा साहब का अपमान करते हैं।

राजद नेता ने कहा कि सभी को यह नहीं भूलना चाहिए कि बाबा साहब ने भारत के संविधान की रचना की और पिछड़े, अतिपिछड़े, अनुसूचित जाति, जनजाति के हक और अधिकार की बातें की और इन वर्गों के लिए संविधान ने अधिकार दिया।

श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार ने आज इस्तीफा दे दिया है और इसका लाभ प्रदेश में भाजपा-राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस )को मिला है। उन्होंने कहा कि यह वही पार्टी है, जिसने बापू का विरोध और उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल शुरू से भाजपा-आरएसएस के विरोध में रही है और आगे भी उसी मार्ग पर चलती रहेगी।

राजद नेता ने परिवारवाद पर बोलने वाली भाजपा को आड़े हाथों लिया और कहा कि बिहार में उनके नये मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सम्राट चौधरी क्या उनके संगठन की उपज हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी लालू प्रसाद की पाठशाला के छात्र हैं और भाजपा को उन्हीं की जरूरत पड़ गई है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के काल में बिहार का खजाना खाली हो गया है, और देखना है कि नए मुख्यमंत्री कर्मचारियों का समय से वेतन और ठीकेदारों के भुगतान की व्यवस्था कैसे करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार गलत ढंग से चुनी गई है और भविष्य में यह सरकार स्थिर नहीं होगी। उन्होंने कि शीघ्र ही भाजपा- जनता दल यूनाइटेड (जदयू )का आपसी कलह लोगों के सामने आ जायेगा।

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