गौतमबुद्धनगर , जुलाई 10 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह ने शुक्रवार को जूम के माध्यम से बाढ़ तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने यमुना एवं हिंडन नदी के जलस्तर, बाढ़ संभावित क्षेत्रों और विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये।

बैठक में सिंचाई विभाग ने जानकारी दी कि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में जेवर एवं दादरी तहसील के कई गांव प्रभावित हो सकते हैं। वहीं हिंडन नदी में जलस्तर बढ़ने और यमुना में अधिक पानी होने पर बैक वाटरिंग के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी विभागों को समन्वित कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिये गये।

श्री सिंह ने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित बाढ़ चौकियों, बाढ़शालाओं तथा प्रमुख नालों का स्वयं निरीक्षण करें। वहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के साथ संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर तैयारियों का आकलन करें। उन्होंने विकास प्राधिकरणों एवं संबंधित विभागों को नालों की साफ-सफाई, ड्रेनेज सिस्टम की जांच और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही लो-लाइन क्षेत्रों एवं रिवर बेल्ट में संभावित अवैध निर्माणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों और पशुओं के सुरक्षित ठहराव के लिए स्थानों का चिन्हीकरण कर शिफ्टिंग प्लान तैयार रखने तथा इसकी जानकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये।

बैठक में प्रत्येक विभाग को अपना कंट्रोल रूम सक्रिय रखने और उसका संपर्क नंबर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय स्थापित किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग को पूर्व वर्षों में आयी बाढ़ के अनुभवों का अध्ययन कर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिये गये। इसके तहत रैपिड रिस्पांस टीम, मेडिकल टीम, एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं का चिन्हीकरण करने, पर्याप्त भूसे की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पशुओं के लिए वैकल्पिक ठहराव की योजना तैयार रखने के निर्देश दिये गये।

विद्युत विभाग को जनपद में टूटे हुए बिजली के पोल, झूलते हुए तार एवं अन्य संभावित खतरों की तत्काल जांच कर उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिये गये। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सुरक्षित विद्युत आपूर्ति बनाये रखने और सिंचाई विभाग द्वारा स्थापित बाढ़ चौकियों पर आवश्यक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक के अंत में श्री सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे समय रहते अपनी तैयारियां पूरी करें, आपसी समन्वय बनाए रखें और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार रखें। उन्होंने सभी विभागों को अपनी कार्रवाई की सत्यापित रिपोर्ट एवं फोटोग्राफ 14 जुलाई 2026 तक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये।

वर्चुअल बैठक में समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, विभिन्न प्राधिकरणों, पुलिस विभाग, जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित