पटना , सितंबर 16 -- ाज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक एक करोड़ 62 लाख 53 हजार प्रभावित लोगों को सुबह-शाम के भोजन का वितरण किया जा चुका है। मौजूदा समय में 784 कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन विभाग के स्तर से साझा की गई जानकारी के अनुसार राज्य भर में 12 राहत शिविर का संचालन किया जा रहा हैं जहां 10,353 बाढ़ शारणार्थियों के लिए आवासन, भोजन, चिकित्सा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अबतक लगभग 4.36 लाख पॉलीथीन शीट, लगभग 84,700 ड्राई राशन पैकेट एवं लगभग 1400 फूड पैकेट का वितरण किया गया है। आबादी निष्क्रमण एवं आवागमन को सुगम बनाने के लिए विभिन्न जिलों में 1156 सरकारी नावों का परिचालन कराया जा रहा है। मवेशियों की सुरक्षा में राज्य भर में अबतक कुल 17,731 क्विंटल पशुचारा का वितरण किया गया है।

केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के अनुसार, डुमरिया घाट पर गंडक, बलतारा एवं कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, पटना के गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर एवं कहलगांव में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन और झंझारपुर में कमला बलान खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभिन्न नदियों के जलस्तर में हुई इस वृद्धि के कारण राज्य के 15 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर , कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा एवं अरवल के 88 प्रखण्डों में 575 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत लगभग 49.72 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।

हालांकि राज्य में कुछ स्थानों पर प्रमुख नदियों के जलस्तर पर स्थिरता या फिर गिरावट देखने को भी मिली है। इनमें मुख्य रूप से वीरपुर बराज के पास कोसी का जलस्तर स्थिर तो इंद्रपुरी बराज के पास सोन और बाल्मीकिनगर बराज के पास गंडक के जलस्तर में गिरावट आई है। संभावित बाढ़ को ध्यान में रखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्य की दिशा में राज्य भर में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमों की प्रतिनियुक्ति की गई है। बिहार मौसम सेवा केन्द्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी 2 दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर बहुत हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति की सतत निगरानी कर रहा है।

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