वाराणसी , सितंबर 1 -- गंगा और वरुणा नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच वाराणसी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी तेज कर दी गई है। मंगलवार को प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कोनिया क्षेत्र का नाव से निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दैवी आपदा की इस घड़ी में शासन-प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ लोगों के साथ खड़ा है और प्रभावित परिवारों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

श्री तिवारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए आवश्यकता के अनुसार नावों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को आवागमन, भोजन, पेयजल, चिकित्सा अथवा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नाव से निरीक्षण के बाद विधायक कोनिया स्थित सुभाष चंद्र बोस प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर पहुंचे और वहां रह रहे लोगों से भोजन, पानी, स्वास्थ्य एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को समय से भोजन-नाश्ता उपलब्ध कराने तथा बच्चों के लिए दूध, फल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

साथ ही शिविर में चिकित्सा, साफ-सफाई, शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट, बिस्किट और फल भी वितरित किए। उन्होंने आश्वस्त किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित