पटना , अक्टूबर 26 -- िहार में वर्ष 2026 के दौरान गंगा, सोन, गंडक, कोसी सहित अन्य नदियों में आई बाढ़ से प्रभावित कृषि योग्य भूमि तथा मत्स्य प्रक्षेत्रों में बालू, रेत एवं गाद जमा होने की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशानुसार आपदा प्रबंधन विभाग ने पत्र के माध्यम से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णियाँ, मधेपुरा, अरवल, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल एवं सहरसा जिलों के जिला पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया है।विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रभावित कृषि योग्य भूमि तथा मत्स्य प्रक्षेत्रों का स्थलीय सत्यापन कराकर बालू, रेत एवं गाद के जमाव का आकलन किया जाए। इसके आधार पर एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के निर्धारित सहायता मानकों के तहत राशि की मांग की जाए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में कृषि एवं मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को सुचारू बनाने में मदद मिल सके।

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