पटना , सितंबर 07 -- टना जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं सहायता कार्य पूरी तत्परता के साथ संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, सुरक्षित आवागमन, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता तथा पशुधन की देखभाल के साथ-साथ दियारा क्षेत्रों में वन्यजीवों से संभावित खतरे से बचाव के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में परिस्थितियों पर लगातार नजर रखें और आवश्यकता के अनुरूप संसाधनों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता, संवेदनशीलता तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षित आवाजाही, आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक निकासी तथा राहत सामग्री पहुंचाने के लिए जिले में 189 नौकाएं सक्रिय हैं। इनमें अथमलगोला में 8, बख्तियारपुर में 21, बाढ़ में 7, दानापुर में 26, मनेर में 27, पाटलिपुत्रा में 19, पुनपुन में 3, फतुहा में 37, दीदारगंज में 32, मोकामा में 6, पालीगंज में 1 तथा फुलवारीशरीफ में 2 नौकाएं उपलब्ध हैं।
राहत एवं बचाव व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए अधिक आवागमन वाले संवेदनशील क्षेत्रों में एसडीआरएफ की 8 टीमें तथा एसएसबी की 2 टीमें तैनात की गई हैं।
बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्रों में जंगली सूअर एवं अन्य वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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