पटना , सितंबर 10 -- बिहार में पटना जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का कार्य पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, चिकित्सा, सुरक्षित आवागमन, पशु देखभाल सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
जिले में वर्तमान में 36 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ बाढ़ प्रभावित लोगों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। लोगों के सुरक्षित आवागमन एवं आवश्यकता के अनुसार 160 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफकी 8 टीमें एवं एसएसबी की दो टीमें संवेदनशील एवं अधिक प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहकर लोगों की सहायता कर रही हैं।
पशुधन की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए जिले में 23 पशु शिविर संचालित हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग 2,000 क्विंटल पशु चारा वितरित किया जा चुका है तथा 3,200 से अधिक पशुओं का उपचार किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए 21 मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए पूरे जिले में 31 एम्बुलेंस कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 6 बोट एम्बुलेंस के माध्यम से भी प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों में लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जरूरतमंद लोगों के बीच अब तक 12,600 से अधिक पॉलीथीन शीट का वितरण किया जा चुका है।
जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने आम नागरिकों से अपील की है कि नदियों के जलस्तर में कमी आने के बावजूद अतिरिक्त सतर्कता एवं सावधानी बरतना आवश्यक है। लोग अनावश्यक रूप से नदियों में स्नान करने अथवा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को विशेष रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने दें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिया है कि तटबंधों की 24 घंटे सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। कहीं भी तटबंध में क्षति, रिसाव अथवा किसी प्रकार की समस्या पाए जाने पर तत्काल आवश्यक मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य कराया जाए।
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