पटना , सितंबर 10 -- ाज्य के कई जिलों में बाढ़ की त्रासदी के बीच ही राहत और बचाव कार्य को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अभी तक 38.89 लाख बाढ़ पीड़ितों के बीच सुबह-शाम का भोजन पहुंचाया जा चुका है। इसके लिए राज्य में कुल 1046 कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपदा प्रबंधन के लिहाज से 15 राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है जहां 11,255 बाढ़ शरणार्थियों के रहने, भोजन और चिकित्सा आदि की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए लगभग 2.59 लाख पॉलीथीन शीट और 41,700 ड्राई राशन पैकेट का वितरण किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के लिए आवागमन सहूलियत की मंशा से 1,942 नावों का परिचालन किया जा रहा है। साथ ही इन इलाकों में मवेशियों के लिए 6,692 क्विंटल पशुचारा का वितरण किया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए राज्य में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात हैं।
राज्य के 14 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल के 85 प्रखंडों की 533 ग्राम पंचायतों में लगभग 44.00 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। गंडक, कोसी, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा जैसी प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
हालांकि बाल्मीकिनगर बाराज पर गंडक नदी का पानी घट रहा है और वीरपुर बराज पर कोसी का जलस्तर स्थिर है।,भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जल स्तर गुरुवार की शाम 36.80 मीटर दर्ज किया गया जो इसके पिछले एचएफएल से 0.05 मीटर ऊपर बह रही है लेकिन इसकी प्रवृत्ति घटने की है। मौसम केंद्र के अनुसार, अगले दो दिनों में कुछ स्थानों पर हल्की, मध्यम और कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है।
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