प्रयागराज , सितंबर 16 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मेजा तहसील क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ के बाद किसानों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। खेतों से पानी उतरने के बाद अब धान की फसल में कीटों के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि लंबे समय तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने से धान की फसल पहले ही कमजोर हो गई थी। पानी कम होने के बाद कुछ राहत मिली, लेकिन अब कीटों के प्रकोप से नई बालियों को नुकसान पहुंच रहा है। समय पर कीटनाशक का छिड़काव नहीं होने पर फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है।
किसान राम बहादुर ने बताया कि सहकारी समितियों पर फिलहाल कीटनाशक उपलब्ध नहीं है। इसके कारण किसानों को मजबूरी में बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही है। किसानों के मुताबिक बाजार में कीटनाशक 220 से 270 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
किसानों ने कृषि विभाग से सहकारी समितियों पर सब्सिडी वाली कीटनाशक दवाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने गांवों में कृषि अधिकारियों को भेजकर फसलों का सर्वे कराने तथा फसल के अनुसार उचित दवा और उसके छिड़काव की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी डीडी सिंह ने मंगलवार सुबह बताया कि जल्द ही कीटनाशक दवाएं सहकारी समितियों पर उपलब्ध करा दी जाएंगी। किसानों को कम कीमत पर दवा मिल सकेगी और वे समय रहते फसल में कीटनाशक का छिड़काव कर सकेंगे।
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