रायपुर , अगस्त 20 -- छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों और राहत-बचाव तंत्र की कार्यक्षमता परखने के लिए गुरुवार को राज्य के सभी 33 जिलों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास की नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निगरानी की गयी।
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ की विभिन्न संभावित परिस्थितियां निर्मित कर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्राय बल (एसडीआरएफ), सेना, पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं के साथ राजस्व, जल संसाधन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पशुपालन तथा दूरसंचार विभागों के बीच समन्वय और सूचना के आदान-प्रदान की प्रक्रिया को परखा गया।
अभ्यास के दौरान बाढ़ की पूर्व चेतावनी जारी करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत शिविर संचालित करने, बचाव नौकाओं एवं अन्य संसाधनों की तैनाती तथा मेडिकल टीमों की व्यवस्था का अभ्यास किया गया। इसके साथ ही जिला स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और मैदानी अमले की प्रतिक्रिया क्षमता की भी समीक्षा की गयी।
श्रीमती आबिदी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अधिकारियों ने रायपुर जिले में मॉक ड्रिल का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अभ्यास के माध्यम से आपदा के दौरान सूचना पहुंचने में देरी, संसाधनों की कमी अथवा विभागीय समन्वय में सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर करने पर जोर दिया गया।
राज्य स्तरीय टेबल-टॉप और व्यावहारिक मॉक ड्रिल में एनडीएमए नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार रविंद्र गुरुंग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डॉ. जीवन कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव गजेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
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