मोहला-मानपुर , अगस्त 07 -- छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। मानपुर ब्लॉक के औंधी (नवागांव) उप वन परिक्षेत्र अंतर्गत निडेली गांव में बाघ ने एक बैल पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। वन विभाग द्वारा उपचार कराए जाने के बावजूद पंजों से आई गंभीर चोटों के कारण बैल की मौत हो गई।

वन विभाग से आज मिली जानकारी के अनुसार, घटना बीते गुरुवार को उस समय हुई जब किसान दसरू राम अपने खेत में जोताई कर रहा था। इसी दौरान खेत से कुछ दूरी पर मौजूद उसके बैल पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले के बाद बाघ मौके से जंगल की ओर चला गया।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल बैल का इलाज कराया, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। वन अमले ने घटनास्थल की जांच के दौरान बाघ के पगमार्क भी बरामद किए हैं। मृत मवेशी को जंगल में रखकर उसके आसपास ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं, जिससे बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

घटना के बाद इलाके में गश्त कर रहे वन कर्मियों का बाघ से बेहद करीबी सामना भी हुआ। हालांकि स्थिति को भांपते हुए वन कर्मियों ने समय रहते मौके से हटकर अपनी जान बचाई। इसके बाद क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक, औंधी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। पिछले एक वर्ष के दौरान इस इलाके में बाघ कई बार देखा जा चुका है और वह पहले भी मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। खास तौर पर निडेली गांव के आसपास बीते दो महीनों में बाघ द्वारा मवेशियों पर हमला किए जाने की यह तीसरी घटना है।

किसान दसरू राम ने बताया कि वह खेत में जोताई कर रहा था। इसी दौरान खेत से कुछ दूर चर रहे उसके बैल पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बैल को घायल करने के बाद बाघ वहां से भाग गया।

वहीं ग्रामीण शेर सिंह ने बताया कि घटना के दौरान वह गांव से लगे खेत की ओर मौजूद था। इसी दौरान उसकी नजर बेहद करीब बैठे एक बाघ पर पड़ी। बाघ पत्थर पर बैठा अपनी पूंछ हिला रहा था। स्थिति को देखते हुए शेर सिंह ने अपने साथ मौजूद कुत्तों को बाघ की ओर बढ़ने का इशारा किया और खुद भी तेज आवाजें निकालकर उसे डराने की कोशिश की। कुछ देर बाद बाघ वहां से जंगल की ओर चला गया।

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