बागपत , मई 13 -- उत्तर प्रदेश में बागपत जिला प्रशासन ने "राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण" अभियान के तहत प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान, सूचीकरण, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण के लिए व्यापक स्तर पर जानकारी जुटाने का अभियान शुरू किया है। इस क्रम में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के ग्राम, ब्लॉक तथा नगर निकाय स्तर पर उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी अभियान मोड में एकत्रित की जाए।
उन्होंने कहा कि मंदिरों, आश्रमों, मदरसों, गुरुकुलों, पुस्तकालयों, निजी संग्रहों एवं अन्य सांस्कृतिक स्थलों पर उपलब्ध संस्कृत, हिंदी, फारसी, अरबी, उर्दू सहित अन्य भाषाओं की पांडुलिपियों को चिन्हित किया जाए, ताकि जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि पांडुलिपि हाथ से लिखी गई मूल प्रति अथवा ग्रंथ होती है। यह मुद्रित या टाइप की गई सामग्री नहीं होती, बल्कि कागज, ताड़पत्र, भोजपत्र अथवा कपड़े पर हस्तलिखित रूप में तैयार की जाती है। प्राचीन काल में ज्ञान, साहित्य, धर्म, इतिहास एवं विज्ञान के संरक्षण के लिए इनका व्यापक उपयोग किया जाता था।
राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अनुसार कम से कम 75 वर्ष पुरानी तथा ऐतिहासिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक अथवा वैज्ञानिक महत्व रखने वाली हस्तलिखित सामग्री को पांडुलिपि की श्रेणी में रखा जाता है। वेद, पुराण, महाभारत, धार्मिक ग्रंथ, ऐतिहासिक अभिलेख एवं अन्य हस्तलिखित दस्तावेज इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा अधिक से अधिक पांडुलिपियों की जानकारी संकलित कर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को इस कार्य को गंभीरता से करने के निर्देश दिए।
जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी ने आमजन से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति अथवा संस्था के पास प्राचीन पांडुलिपियां उपलब्ध हों तो उनकी सूचना मोबाइल नंबर 9410400995 पर उपलब्ध कराएं, जिससे जनपद की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा, संबंधित खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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