बागपत , अक्टूबर 23 -- उत्तर प्रदेश में बागपत के छपरौली क्षेत्र में पटाखे चलाने को लेकर दो पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ जिसमें आधा दर्जन लोग घायल हो गये। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव में बुधवार देर रात बच्चों द्वारा पटाखे चलाने को लेकर दो समुदायों में पहले आपसी कहा सुनी हुई जो बाद में ख़ूनी संघर्ष में बदल गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों, सरियों व तेजधार हथियारों से जमकर हमला बोल दिया। झगड़े में एक पक्ष के दो और दूसरे पक्ष की तीन महिलाओं सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार देर शाम बदरखा गांव निवासी प्रवेंद्र कुमार की बेटी बुलबुल अपने घर के बाहर आयुषी व अन्य बच्चों के साथ पटाखे चला रही थी। इसी दौरान एक पटाखा उड़कर पड़ोसी मेहरदीन के बेटे यामीन के घर में जा गिरा। इससे दोनों समुदायों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। गांव के कुछ बुजुर्गों और गणमान्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन रात होते-होते विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया।
बताया गया कि रात करीब साढ़े दस बजे मेहरदीन ने बड़ौत में रह रहे अपने बेटों यामीन और शादीन को फोन कर बुला लिया। कुछ ही देर बाद मेहरदीन परिवार के करीब दो दर्जन लोग लाठी-डंडों, सरियों और धारदार हथियारों से लैस होकर प्रवेंद्र के घर पहुंच गए और हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में प्रवेंद्र उर्फ भूट्टू, करण सिंह, अरविंद, रविता, अनीता व जगवती गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के मेहरदीन, यामीन, वसीम, शादीन और शबनम को भी चोटें आईं।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी छपरौली भेजा गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बड़ौत के आस्था हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
पुलिस उपाधीक्षक विजय चौधरी व अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों पक्षों से जानकारी ली। अधिकारियों को गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।बागपत के बदरखा में पटाखे चलाने को लेकर दो समुदायों में संघर्ष में छह घायल, गांव में पुलिस बल तैनातबागपत। उत्तर प्रदेश में बागपत के छपरौली क्षेत्र में पटाखे चलाने को लेकर तो पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ जिसमें आधा दर्जन लोग घायल हो गए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
छपरौली थाना पुलिस ने बताया कि छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव में बुधवार देर रात बच्चों द्वारा पटाखे चलाने को लेकर दो समुदायों में पहले आपसी कहासुनीहुई जो बाद में ख़ूनी संघर्ष में बदल गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों, सरियों व तेजधार हथियारों से जमकर हमला बोल दिया। झगड़े में एक पक्ष के दो और दूसरे पक्ष की तीन महिलाओं सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार देर शाम बदरखा गांव निवासी प्रवेंद्र कुमार की बेटी बुलबुल अपने घर के बाहर आयुषी व अन्य बच्चों के साथ पटाखे चला रही थी। इसी दौरान एक पटाखा उड़कर पड़ोसी मेहरदीन के बेटे यामीन के घर में जा गिरा। इससे दोनों समुदायों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई। गांव के कुछ बुजुर्गों और गणमान्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन रात होते-होते विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया।
बताया गया कि रात करीब साढ़े दस बजे मेहरदीन ने बड़ौत में रह रहे अपने बेटों यामीन और शादीन को फोन कर बुला लिया। कुछ ही देर बाद मेहरदीन परिवार के करीब दो दर्जन लोग लाठी-डंडों, सरियों और धारदार हथियारों से लैस होकर प्रवेंद्र के घर पहुंच गए और हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में प्रवेंद्र उर्फ भूट्टू, करण सिंह, अरविंद, रविता, अनीता व जगवती गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के मेहरदीन, यामीन, वसीम, शादीन और शबनम को भी चोटें आईं।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सीएचसी छपरौली भेजा गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बड़ौत के आस्था हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक विजय चौधरी व अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों पक्षों से जानकारी ली। अधिकारियों को गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
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