बागपत , सितंबर 11 -- उत्तर प्रदेश के बागपत में सहारनपुर से निकलकर असारा गांव में प्रवेश करने वाली कृष्णा नदी के कायाकल्प का विशेष अभियान शुक्रवार को शुरू किया गया।
जिले की सीमा में करीब 29 किलोमीटर लंबी नदी की जलधारा को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कर अविरल एवं निर्मल बनाने के साथ आसपास के गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में नदी के पुनरोद्धार की तैयारियों की समीक्षा की गई। जीपीएस और स्थलीय सर्वे के आधार पर नदी के प्रवाह क्षेत्र तथा कार्य की आवश्यकता वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। जिलाधिकारी ने पंचायती राज विभाग, जल निगम, लघु सिंचाई विभाग, वन विभाग समेत संबंधित विभागों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नदी की सफाई के साथ उसकी जलधारा को सुचारू करना अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए आवश्यक संसाधन समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अभियान के तहत नदी और उससे जुड़े नालों में जमा मिट्टी, कूड़ा एवं अन्य अपशिष्ट हटाए जाएंगे। अतिक्रमण के कारण जल प्रवाह बाधित होने वाले स्थानों पर कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता के अनुसार नदी की गहराई और चौड़ाई दुरुस्त कर जल प्रवाह का मार्ग खोला जाएगा।
नदी के किनारों पर पौधारोपण और जल संरक्षण के कार्य भी कराए जाएंगे, ताकि वर्षा जल का अधिक से अधिक संचय हो सके और प्राकृतिक जलधारा लंबे समय तक बनी रहे। कृष्णा नदी असारा से आगे असारा, अशरफाबाद थल, इब्राहीमपुर माजरा, कंडेरा, गांगनौली, दादरी, बरनावा, बामनौली, मौजिजाबाद नांगल, रंछाड़, रहतना और सुजती समेत 12 गांवों से होकर गुजरती है और आगे हिंडन नदी में समाहित हो जाती है। जिलाधिकारी ने इन गांवों के ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कर नदी को निर्मल बनाने के उपायों पर सुझाव लिए। सभी गांवों का सर्वे पहले ही कराया जा चुका है।
प्रशासन के अनुसार नदी की जलधारा बहाल होने से आसपास जल संचय बढ़ेगा और भूजल स्तर को सहारा मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता में भी मदद मिल सकती है। प्रशासन ने नदी की सफाई के बाद उसमें दोबारा गंदगी पहुंचने से रोकने के लिए भी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। गांवों में घर-घर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था प्रभावी बनाने और आरआरसी सेंटरों को सक्रिय रखने को कहा गया है। ग्रामीणों को नदी में कूड़ा नहीं डालने के लिए जागरूक करने के साथ पौधारोपण और सफाई गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
हिंडन की सहायक नदी कृष्णा के पुनरोद्धार अभियान की साप्ताहिक समीक्षा होगी। इसमें सफाई, अतिक्रमण हटाने, कूड़ा प्रबंधन और जलधारा बहाली समेत अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। असारा से शुरू हुआ अभियान जिले की सीमा में नदी के पूरे 29 किलोमीटर हिस्से तक चलाया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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