बांसवाड़ा , अगस्त 07 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने टीबी मुक्त भारत अभियान की जानकारी ब्लॉक एवं ग्राम स्तर तक पहुंचाने तथा आमजन को व्यापक रूप से जागरूक करने के निर्देश दिये हैं।

श्री बागडे ने शुक्रवार को गोविंद गुरु जनजाति विश्वविद्यालय में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान, नशा मुक्त भारत अभियान तथा शिक्षा की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। राज्यपाल ने टीबी मुक्त भारत अभियान की जानकारी ब्लॉक एवं ग्राम स्तर तक पहुंचाने तथा आमजन को व्यापक रूप से जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने टीबी की दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों की नियमित निगरानी और समुचित उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए जिले की प्रगति की जानकारी ली और प्रत्येक गांव को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाये तथा अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान की सफलता के लिए सरकारी कर्मचारियों को स्वयं नशे से दूर रहकर समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के विषय पर चर्चा करते हुए शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने के लिए प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल परीक्षा परिणामों का प्रतिशत बढ़ाने के बजाय विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, समझ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी दिए। राज्यपाल ने जिले में संचालित मां बड़ी केन्द्रों पर कक्षा एक से चार तक के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, रचनात्मक एवं अन्य व्यवहारिक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सोच विकसित करने और उनकी मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जानी चाहिए। इससे पहले राज्यपाल ने सर्किट हाउस में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्ष भी लगाया।

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