टिहरी , अक्टूबर 08 -- उत्तराखंड में टिहरी बांध प्रभावितों के पुनर्वास से जुड़े लंबित मामलों के समाधान को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में विधायक किशोर उपाध्याय और जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की मौजूदगी में गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में भूमि पात्रता, मुआवजा, पुनर्वास, विस्थापन क्षेत्रों के विकास सहित विभिन्न मुद्दों से जुड़े करीब 90 प्रकरण सामने आए। अधिकारियों को सभी मामलों की पत्रावलियों और नियमों के आधार पर जांच कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रभावितों और प्रतिनिधिमंडलों ने भूमि, मुआवजा, समझौते के अनुरूप भूमि संबंधी कार्रवाई, टिनशेड, स्वतंत्रता सेनानी स्मारक, टैक्सी स्टैंड, सड़क, बिजली और पेयजल समेत कई समस्याएं उठाईं। विधायक उपाध्याय ने कहा कि बांध प्रभावितों के लंबित मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
केमसारी के टिनशेड मामले में समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। पात्र परिवारों के चिह्नीकरण और उनकी समस्याओं के परीक्षण के लिए पुनर्वास विभाग, स्थानीय पार्षद और संबंधित पक्षों को शामिल कर इसी माह बैठक कराने को कहा गया, ताकि नियमों के तहत आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
कठियाल गांव के प्रतिनिधिमंडल ने टीएचडीसी द्वारा समझौते के अनुरूप भूमि संबंधी कार्रवाई नहीं किए जाने का मामला उठाया। जिलाधिकारी ने पुनर्वास निदेशालय को पत्रावलियों का परीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर अब तक की कार्रवाई और प्रस्तावित कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।
वहीं डीबनू गांव के मामलों को लेकर समझौते, भुगतान और अन्य कार्रवाई की समरी तैयार कर सभी प्रकरणों को एक साथ संकलित करने को कहा गया। विधायक ने टीएचडीसी से मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में टैक्सी स्टैंड निर्माण का मुद्दा भी उठा। टैक्सी यूनियन ने टीएचडीसी में किराये पर लगाए जाने वाले वाहनों में स्थानीय वाहनों को प्राथमिकता देने की मांग की। इसके अलावा पिपोला गांव से जुड़े प्रकरण में जिलाधिकारी ने पुनर्वास टीम को एक माह के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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