उमरिया , सितंबर 23 -- मध्यप्रदेश में उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जैव विवधता प्रशिक्षण केन्द्र ताला में प्रशिक्षु वनरक्षकों के लिए वन्यजीव अपराधों की रोकथाम और उनके बाद की जाने वाली विधिक कार्रवाई पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को वन्यजीव संरक्षण ट्रस्ट के सहयोग से संपन्न हुआ।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बुधवार को बताया कि पुणे से आए वन्यजीव संरक्षण ट्रस्ट के श्री संजय ठाकुर ने प्रशिक्षक के रूप में सहभागिता की। वन्यजीव संरक्षण और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में 25 वर्षों के अनुभव वाले श्री ठाकुर ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में वन्यजीव अपराधों की प्रकृति, उनकी पहचान, रोकथाम के प्रभावी उपाय और अपराध के बाद अपनाई जाने वाली विधिक प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में वन अमले की भूमिका, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक योहान कटारा ने प्रशिक्षु वनरक्षकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण में मैदानी अमले की भूमिका तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सजगता, तत्परता और विधिक प्रक्रियाओं की जानकारी को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षु वनरक्षकों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना और उन्हें वन्यजीव अपराधों से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं व्यावहारिक समझ प्रदान करना था। ऐसे प्रशिक्षण मैदानी स्तर पर संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने और प्रभावी कार्रवाई की क्षमता विकसित करने में सहायक होते हैं।
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