उमरिया , जून 28 -- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में घायल मिले एक नर बाघ का उपचार कर उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। वन विभाग उसकी लगातार निगरानी कर रहा है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि पनपथा बफर की बिरुहली बीट में लगभग तीन वर्ष आयु के एक नर बाघ के एक पैर में चोट होने की सूचना गश्ती दल को मिली थी। इसके बाद हाथियों और वन अमले की सहायता से बाघ की लगातार निगरानी की गई।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र संचालक के निर्देशन और उपसंचालक के मार्गदर्शन में वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी तथा टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की टीम ने बाघ की ट्रैकिंग की। रविवार सुबह बाघ का पता लगने पर उसे ट्रैंकुलाइज कर उपचार किया गया तथा आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए रक्त का नमूना भी लिया गया।
उपचार के बाद बाघ को मौके पर ही सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। अधिकारियों के अनुसार उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि उपचार के बाद श्याम और लक्ष्मण नामक हाथियों तथा वन अमले की सहायता से बाघ की सतत निगरानी की जा रही है। घायल बाघ के उपचार में वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित