मथुरा , मार्च 12 -- वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ और भव्य बनाने के लिए गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई ' उच्च स्तरीय प्रबंधन समिति' की 13वीं बैठक में मंदिर के सौंदर्यीकरण से लेकर सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन तक के कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी।
बैठक में मुख्य रूप से मंदिर के पास स्थित 357 वर्ग गज के अर्द्धनिर्मित स्थल को पूरा करने और मंदिर के मौजूदा हॉल के सौंदर्यीकरण पर चर्चा हुई। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने 760.39 लाख रुपये का मसौदा पेश किया है। इसके अलावा, ब्रज के अन्य धार्मिक स्थलों जैसे राधाकुण्ड के संगम घाट स्थित कुंज बिहारी मंदिर, बवनपुरी हनुमान मंदिर और स्नेह बिहारी मंदिर के सामने वाले शिवालय के जीर्णोद्धार के लिए भी बजट प्रस्तावित किया गया है।
प्रशासन ने निधिवन राज की लताओं और वृक्षों के संरक्षण के लिए नगर निगम के माध्यम से मीठी पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए सभी सेवायतों के सहयोगियों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। बैठक में हाल ही में बैंक अधिकारी द्वारा गोलक गणना के दौरान की गई चोरी और निधिवन की घटना की एफआईआर प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मंदिर प्रबंधन अब वित्तीय पारदर्शिता की ओर भी कदम बढ़ा रहा है। मंदिर को मिलने वाले दान पर आयकर की धारा 80-जी के तहत छूट दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा के विवरण और बैंकों में जमा एफडी पर अधिक ब्याज प्राप्त करने के विकल्पों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
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