बहराइच , अगस्त 19 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच में जादू-टोने की बात को लेकर महिला की डंडे से पीटकर हत्या करने के करीब पांच वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने दोषसिद्ध अभियुक्त को सश्रम आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार, मामला थाना सुजौली क्षेत्र के बिहारीपुरवा गांव का है। वादी लालमनी ने नौ नवंबर 2021 को पुलिस को सूचना दी थी कि रात करीब दो बजे उसकी मां घर में सो रही थी। इसी दौरान जादू-टोने की बात को लेकर गांव का पवन उनके घर में घुस आया और डंडे से उसकी मां की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर चोटों के कारण महिला की मृत्यु हो गई।

घटना के संबंध में धारा 302 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान और अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त पवन के विरुद्ध 20 नवंबर 2021 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय ने 14 जुलाई 2022 को अभियुक्त के विरुद्ध आरोप विरचित किए थे।

इसी क्रम में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बहराइच सुश्री शैली राय की अदालत ने 19 अगस्त को मामले में अभियुक्त पवन को धारा 302 भादवि के अपराध में दोषसिद्ध करते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार, अभियोजन की प्रभावी पैरवी में थाना प्रभारी सुजौली, मॉनीटरिंग सेल पुलिस कार्यालय बहराइच, अभियोजक प्रमोद कुमार सिंह, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल दिनकर यादव तथा थाना पैरोकार कांस्टेबल विजय मौर्या की भूमिका रही।

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