बहराइच , जुलाई 15 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में वर्ष 2001 के बहुचर्चित हत्या मामले में न्यायालय ने बुधवार को चार दोषसिद्ध अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अभियोजन द्वारा मिली जानकारी अनुसार थाना पयागपुर क्षेत्र में 13 सितंबर 2001 को हुई हत्या के मामले में वादी रामसुरेश की तहरीर पर थाना पयागपुर में मुकदमा अपराध संख्या 180/2001, धारा 147, 148 एवं 302 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया था। तहरीर के अनुसार वादी का भाई गोलीराम, एक अन्य हत्या के मुकदमे में चार माह जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुआ था। घटना के दिन वह अपने पुत्र और भाई के साथ शौच के लिए गया था। वापस लौटते समय पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उस पर लाठी और भाले से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गोलीराम की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई।

पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलित कर 27 सितंबर 2001 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामले में 6 दिसंबर 2004 को आरोप तय किए गए और सुनवाई के बाद बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-द्वितीय) अनिल कुमार-12 की अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

न्यायालय ने अभियुक्त रामकिशुन, राजेन्द्र, लफडू तथा बलदेव, निवासी ग्राम झाला तरहर, थाना पयागपुर, को दोषी करार देते हुए धारा 302/149 आईपीसी में आजीवन सश्रम कारावास एवं 25-25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 148 आईपीसी में तीन वर्ष के कारावास एवं दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। मामले के एक आरोपी महादेव की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है।

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