बहराइच , सितंबर 18 -- उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रिण दिलाने का झांसा देकर लोगों के बैंक खाते खुलवाने और उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने तथा निकालने में करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नौ मोबाइल फोन, 25 एटीएम कार्ड, 14 चेकबुक, सात आधार कार्ड समेत बैंकिंग दस्तावेज, एक वैगनार कार और 3.90 लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिसिया थाना क्षेत्र के सिघापुरवा निवासी सुफियान, आजाद नगर निवासी समीर अहमद तथा बिहार के नवादा जिले के सिकन्दरा निवासी कृष्ण मुरारी प्रसाद के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि हरदी थाना क्षेत्र के सिसैय्या चूड़ामणि निवासी प्रमुख तथा सिकन्दरपुर निवासी नारायण वर्मा ने 15-16 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उन्हें रिण दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और उनमें अपने मोबाइल नंबर लिंक करा लिए। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने पासबुक, एटीएम और चेकबुक अपने कब्जे में लेकर इन खातों का इस्तेमाल दूसरे राज्यों के लोगों से की गई साइबर ठगी की रकम मंगाने में किया।

शिकायत के मुताबिक खातों के दुरुपयोग की जानकारी मिलने और विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों शिकायतकर्ताओं के साथ गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने डराकर प्रमुख के खाते से 2.40 लाख रुपये और नारायण वर्मा के खाते से 4,800 रुपये निकलवाए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर थाना खैरीघाट पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त टीम गठित की गई।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि विवेचना के दौरान मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने तीनों वांछित आरोपियों को राजापुर मोहल्ले में हाईवे किनारे से गिरफ्तार किया।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर लोगों को लोन का ऑफर देकर उनके बैंक खाते खुलवाने, पासबुक, चेकबुक और एटीएम अपने पास रखने तथा खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाकर उसे निकालने की बात स्वीकार की।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कृष्ण मुरारी प्रसाद के विरुद्ध नोएडा के एक्सप्रेस वे थाने में वर्ष 2024 में धोखाधड़ी और कूटरचना से संबंधित एक मुकदमा भी दर्ज है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित