बहराइच , मई 16 -- उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के मथुरा गांव में आठ वर्षीय मासूम पूजा की संदिग्ध मौत ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार से लापता कक्षा तीन की छात्रा का शव शनिवार सुबह गांव के बाहर मक्के के खेत में मिला। शव की हालत ऐसी थी कि उसे देखकर हर किसी की रूह कांप उठी।
परिजनों के अनुसार बच्ची के गायब होने की सूचना शुक्रवार शाम को ही पुलिस को दे दी गई थी। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद परिवार पूरी रात खेतों, बागों और तालाबों के किनारे बच्ची को खोजता रहा, लेकिन उसे नहीं ढूंढ़ा जा सका। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की होती तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
शनिवार सुबह गांव के बाहर मक्के के खेत में पूजा का शव मिला। ग्रामीणों के मुताबिक बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और शरीर पर कपड़े नहीं थे। इस स्थिति को देखकर लोगों ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी महसी पवन कुमार और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मृतका की मां का आरोप है कि शव मिलने के बाद उन्हें अपनी बेटी का चेहरा तक नहीं देखने दिया गया। इस बात को लेकर परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी है। गांव में लोगों के बीच चर्चा है कि घटना के बाद पुलिस की संवेदनशीलता अपेक्षित स्तर पर नहीं दिखी।
मासूम पूजा की मौत ने पूरे गांव को गम और गुस्से से भर दिया है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक बच्ची की हत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनशीलता की भी परीक्षा है। अब हर किसी की निगाह इस बात पर टिकी है कि पुलिस कितनी जल्दी आरोपितों को गिरफ्तार कर मासूम को न्याय दिलाती है। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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