बहराइच , अप्रैल 25 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। जिला मुख्यालय स्थित डीएम चौराहे पर विपक्ष के खिलाफ पुतला दहन के दौरान अचानक आग भड़कने से सदर विधायक एवं पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल झुलस गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और उन्हें तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर भाजपा कार्यकर्ता शनिवार दोपहर डीएम चौराहे पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं के पुतले जलाए जा रहे थे। इसी बीच आग की लपटें अचानक तेज हो गईं। बताया जा रहा है कि पुतले में ज्वलनशील सामग्री अधिक होने अथवा भीतर किसी विस्फोटक तत्व के कारण तेज धमाका हुआ, जिससे आग का रुख मुड़ गया और सदर विधायक अनुपमा जायसवाल उसकी चपेट में आ गईं।

हादसे में विधायक के चेहरे का अगला हिस्सा झुलस गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और कार्यक्रम तत्काल रोकना पड़ा।

विधायक को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत बहराइच मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि चेहरे पर जलन के कारण चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव मेडिकल कॉलेज पहुंचे और चिकित्सकों से विधायक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रारंभिक पड़ताल में माना जा रहा है कि पुतले में प्रयुक्त ज्वलनशील पदार्थ के अनियंत्रित दहन से हादसा हुआ। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि पुतला दहन के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं हुई।

घटना ने राजनीतिक प्रदर्शनों में सुरक्षा प्रबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक स्थलों पर पुतला दहन के दौरान ज्वलनशील पदार्थों के इस्तेमाल और सुरक्षा घेरा तय न होने से ऐसे आयोजनों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

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