बहराइच , अगस्त 25 -- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जिले की फास्ट ट्रैक अदालत ने दोषी अभियुक्त को उसके प्राकृतिक जीवन के शेष भाग तक आजीवन सश्रम कारावास और कुल 1.05 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने बीएनएस की धारा 115(2) के तहत भी छह माह के कारावास की सजा दी है। मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली देहात क्षेत्र में 25 सितंबर 2024 को एक नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास तथा विरोध करने पर उसकी मां के साथ मारपीट की शिकायत पुलिस को मिली थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली देहात में मुकदमा संख्या 528/2024 दर्ज कर बीएनएस की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक रवि कुमार यादव ने की। पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने के साथ गवाहों के बयान दर्ज किए और विवेचना पूरी कर चार अक्टूबर 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने 19 नवंबर 2024 को अभियुक्त के विरुद्ध आरोप तय किए, जिसके बाद मामले का विचारण शुरू हुआ।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के माध्यम से आरोपों को साबित करने के लिए प्रभावी पैरवी की। मामले में 25 अगस्त 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय सुनील कुमार-XII की अदालत ने कमल कुमार मिश्रा पुत्र देवकी नंदन मिश्रा, निवासी दूलम्हा, थाना कोतवाली देहात, बहराइच को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत अभियुक्त को आजीवन सश्रम कारावास-दोषसिद्ध अभियुक्त के प्राकृतिक जीवन के शेष भाग तक- तथा एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा बीएनएस की धारा 115(2) के तहत छह माह के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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