बहराइच , सितंबर 2 -- उत्तर प्रदेश में बहराइच के कतरनियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककराहा रेंज अंतर्गत ग्राम पंचायत महबूबनगर में एक युवक की वन्यजीव के हमले में मौत के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल वयस्क नर तेंदुए को 24 घंटे के भीतर पिंजरे में सुरक्षित कैद कर लिया। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, महबूबनगर निवासी 28 वर्षीय राम सिंह की एक सितंबर को जंगल की सीमा से करीब 200 मीटर दूर हिंसक वन्यजीव के हमले में मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद गांव में आक्रोश और दहशत का माहौल बन गया था। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा तथा ग्रामीणों को सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
विभाग के मुताबिक, घटनास्थल पर किए गए वैज्ञानिक आकलन के दौरान पीड़ित के घर के आंगन में मिले पगचिन्ह की जांच की गई। उप-क्षेत्रीय वनाधिकारी (डिप्टी रेंजर) सत्यप्रकाश वर्मा ने पगमार्क के आकार और माप का परीक्षण किया, जिसके आधार पर हमलावर के वयस्क तेंदुआ होने की पुष्टि की गई। इसके बाद संभावित गतिविधि वाले स्थान पर निगरानी बढ़ाते हुए तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई।
लगातार हो रही बारिश के बावजूद वन विभाग की मैदानी टीम ने घटनास्थल के पास रणनीतिक स्थान पर पिंजरा लगाया। विभाग का दावा है कि वैज्ञानिक आकलन के अनुरूप एक वयस्क नर तेंदुआ 24 घंटे से भी कम समय में पिंजरे में सुरक्षित कैद हो गया।
इस अभियान में उप-क्षेत्रीय वनाधिकारी सत्यप्रकाश वर्मा, वन दरोगा रविंद्र राव, वन रक्षक कपिल कुमार सहित मैदानी टीम की भूमिका रही। क्षेत्रीय वनाधिकारी (आरओ) ककराहा के रणनीतिक पर्यवेक्षण में तेंदुए को गांव से सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई पूरी की गई।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि तेंदुए को पकड़ लिए जाने के बावजूद जंगल की सीमा से लगे गांवों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय घर के बाहर, खुले बरामदे अथवा आंगन में सोने से बचने, घर के आसपास पर्याप्त रोशनी रखने और सुबह-शाम अथवा रात में जंगल, खेत या घनी झाड़ियों की ओर अकेले नहीं जाने की अपील की है।
विभाग ने लोगों से बच्चों पर विशेष नजर रखने तथा पालतू मवेशियों को रात में सुरक्षित और ढके हुए बाड़े में रखने को कहा है। घरों के आसपास मौजूद घनी झाड़ियों और खरपतवार की नियमित सफाई करने तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी वनकर्मी या रेंज कार्यालय को सूचना देने की सलाह दी गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट अपूर्व दीक्षित ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए का वर्तमान में पशुचिकित्सकीय परीक्षण किया जा रहा है जिसके बाद उसे उचित स्थान पर छोड़ दिया जाएगा,मानव जीवन की क्षति अपूरणीय है, लेकिन त्वरित वैज्ञानिक प्रतिक्रिया, स्थानीय स्तर पर समन्वय और सुरक्षित रेस्क्यू के माध्यम से आगे की किसी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास भी किया जा रहा है।
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