बैतूल , सितंबर 16 -- मध्यप्रदेश में बैतूल के सरदार विष्णुसिंह गोंड बस स्टैंड, कोठीबाजार में जगह-जगह गंदगी, कचरे के ढेर और बजबजाती नालियों से यात्री परेशान हैं। स्थिति यह है कि बस स्टैंड से गुजरने वाली कई महिलाएं नाक पर रूमाल रखकर निकलने को मजबूर हैं।

नगर पालिका सफाई व्यवस्था के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च करने का दावा करती है। इसके अलावा रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था पर भी राशि खर्च की जा रही है। इसके बावजूद नगर पालिका के स्वामित्व वाले बस स्टैंड की नियमित सफाई नहीं होने से परिसर में गंदगी पसरी हुई है।

बस स्टैंड परिसर में बसों के खड़े होने वाले स्थान पर कचरा फैला है। सुलभ शौचालय के पास गंदगी का ढेर लगा है, जहां दिनभर मवेशी और कुत्ते भोजन तलाशते दिखाई देते हैं। परिसर की नालियां भी गंदगी से भरी हैं और कई जगह गंदा पानी ऊपर से बहता नजर आता है। खाली स्थानों पर अतिक्रमण के कारण भी अव्यवस्था बनी हुई है।

कोठीबाजार बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 400 बसों का आवागमन और लगभग 10 हजार यात्रियों की आवाजाही होने की बात कही गई है। बसों से लिए जाने वाले विश्राम शुल्क के अलावा परिसर की स्थायी दुकानों से नगर पालिका को किराया भी मिलता है। इसके बावजूद बस स्टैंड की सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों की मौजूदगी और नियमित सफाई के दावों के बावजूद वास्तविक स्थिति अलग दिखाई देती है। आरोप है कि रात्रिकालीन सफाईकर्मी कई बार साफ-सुथरी सड़कों पर झाड़ू लगाते और सामूहिक फोटो खिंचवाते नजर आते हैं, जबकि बस स्टैंड और वार्डों के कई हिस्सों में गंदगी बनी रहती है।

नागरिकों का कहना है कि यदि सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो प्राथमिकता उन स्थानों को दी जानी चाहिए, जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। बस स्टैंड की मौजूदा स्थिति ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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