बैतूल , अगस्त 06 -- मध्यप्रदेश में बस यात्रियों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। प्रदेश सरकार ने सामान्य यात्री बसों का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर दो रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया है। करीब 60 प्रतिशत किराया वृद्धि के बावजूद निजी बस ऑपरेटरों ने 07 अगस्त की मध्यरात्रि से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि किराया वृद्धि के अलावा उनकी अन्य प्रमुख मांगों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
परिवहन विभाग द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार रात्रिकालीन सामान्य बसों का किराया 2.20 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है। वहीं डीलक्स नॉन-एसी बसों का किराया 2.50 रुपये, स्लीपर बसों का 2.80 रुपये, डीलक्स एसी बसों का तीन रुपये तथा सुपर लग्जरी एसी कोच का किराया 3.50 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर तय किया गया है।
नई दरों के लागू होने के बाद बैतूल से भोपाल का सामान्य बस किराया लगभग 400 रुपये, नागपुर का करीब 350 रुपये तथा इंदौर का किराया मार्ग के अनुसार 560 से 800 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं लग्जरी एसी बसों में भोपाल का किराया करीब 700 रुपये, नागपुर का 600 रुपये तथा इंदौर का किराया 980 से 1400 रुपये तक हो सकता है।
बस ऑपरेटर लंबे समय से किराया संशोधन सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में बस सेवाओं के राष्ट्रीयकरण पर रोक, रॉयल्टी वसूली की टेंडर व्यवस्था समाप्त करना, किराया 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर करना, नए यात्री वाहनों के पंजीयन को वैध मानना, 15 वर्ष पुराने वाहनों को फिटनेस के आधार पर संचालन की अनुमति तथा अंतरराज्यीय स्थायी परमिटों के नवीनीकरण की व्यवस्था शामिल है।
जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन, बैतूल के अध्यक्ष मोनू आर्य ने कहा कि सरकार ने केवल किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है, जबकि संगठन की अन्य मांगों पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि 07 अगस्त तक सरकार शेष मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 07 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर में निजी यात्री बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
प्रस्तावित हड़ताल की स्थिति में हजारों दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भर रहना होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित