रायपुर , अक्टूबर 14 -- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बस किराए में बढ़ोतरी और सरकारी भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंगाई और बस किराए में वृद्धि को लेकर सरकार की आलोचना की, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाए जाने का आरोप लगाया।

श्री भूपेश बघेल ने बस किराए में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे लोग त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि बिजली बिल में तीन साल के भीतर पांच बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जबकि बस किराया एक साल में दूसरी बार बढ़ाया गया है। इस बार बस किराए में 40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

उन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सभी जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। अब क्या बचा है, जिसके दाम नहीं बढ़े हैं।"सरकारी नौकरियों के लिए आयोजित भर्ती परीक्षाओं में लगातार आ रही बाधाओं को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कभी साक्षात्कार स्थगित हो जाता है, कभी प्रमोशन और कभी परीक्षा स्थगित कर दी जाती है। श्री बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार देश और प्रदेश में परीक्षाएं ठीक से आयोजित नहीं कर पा रही है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में बार-बार उत्पन्न हो रही अनिश्चितता को अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग और अन्य भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसी भी विभाग की परीक्षा सुरक्षित नहीं है। पुलिस भर्ती परीक्षा के साक्षात्कार स्थगित होने और शिक्षक भर्ती परीक्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं के संचालन पर सवाल खड़े किए।

श्री बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दावा किया था कि आयोग की परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर आयोजित की जाएगी, लेकिन सरकार शिक्षक भर्ती, व्यापम और सब इंस्पेक्टर भर्ती जैसी परीक्षाएं भी ठीक से नहीं करवा पा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के बार-बार स्थगित होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

कांग्रेस के दोनों नेताओं ने महंगाई और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।

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