बस्ती , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश में बस्ती जिले के रुधौली विधानसभा क्षेत्र के दसिया गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन की तैयारी की। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने फैक्ट्री परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तथा मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए। साथ ही क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी गई। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दसिया गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री का लगभग 75 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हाल के दिनों में ग्रामीणों और कुछ जनप्रतिनिधियों ने फैक्ट्री के विरोध में आंदोलन शुरू किया है। मंगलवार को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए, जिसके चलते बस्ती-बांसी मार्ग सहित फैक्ट्री परिसर के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन के लिए पहुंचे कुछ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता की, जिसके बाद उन्हें प्रदर्शन स्थल तक जाने से रोक दिया गया। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि क्रय के समय उन्हें बताया गया था कि यहां बीयर एवं मैदा फैक्ट्री स्थापित की जाएगी, लेकिन बाद में परिसर के बाहर एथेनॉल संयंत्र का बोर्ड लगाए जाने से उन्हें वास्तविक परियोजना की जानकारी मिली। उनका कहना है कि फैक्ट्री शुरू होने से भूजल का अत्यधिक दोहन होगा, जिससे आसपास के गांवों में जल संकट उत्पन्न हो सकता है। साथ ही फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट के पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी उन्होंने व्यक्त की।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामप्रसाद चौधरी तथा अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी फैक्ट्री का विरोध किया। सपा विधायक राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित संयंत्र से क्षेत्र में भूजल और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण के समय किसानों को परियोजना की प्रकृति के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा और किसानों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद ग्रामीणों का विरोध जारी है। उधर, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
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