जगदलपुर , मार्च 11 -- छत्तीसगढ़ में बस्तर की वादियां एक बार फिर इतिहास और आधुनिकता के संगम का गवाह बनने को तैयार हैं। 22 मार्च को आयोजित होने वाली 'बस्तर हेरिटेज मैराथन' सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अदम्य साहस और प्राकृतिक सुंदरता की गाथा को नए सिरे से परिभाषित करने वाला आयोजन होगा। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयासों से आयोजित इस मैराथन का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना और यहां के युवाओं को खेलों से जोड़ना है।

जिला पीआरओ से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से होगी। यह दौड़ धावकों को बस्तर के पारंपरिक गांवों, हरे-भरे जंगलों और घुमावदार पहाड़ी रास्तों से होते हुए विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात (जिसे 'भारत का नियाग्रा' कहा जाता है) के तट पर समाप्त होगी। 42 किलोमीटर का यह फुल मैराथन रूट धावकों के लिए एक चुनौतीपूर्ण और अविस्मरणीय अनुभव देगा। इसके अलावा, हाफ मैराथन (21 किलोमीटर) के साथ-साथ 10 किलोमीटर और पांच किलोमीटर की फन रन का भी आयोजन किया गया है, ताकि हर आयु वर्ग के लोग इस आयोजन का हिस्सा बन सकें।

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