जगदलपुर , जून 24 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में वर्षाकाल के दौरान फैलने वाली मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभाग के सभी जिलों में कुल 180 कॉम्बेट दल गठित किए गए हैं तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रत्येक विकासखंड में अलग चिकित्सा सहायता टीम तैनात की गयी है।

संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. महेश सांडिया ने बुधवार को बताया कि वर्षा ऋतु में पहुंच विहीन क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास जीवन रक्षक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। आश्रमों एवं छात्रावासों में भी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं तथा अधीक्षकों को इनके उपयोग संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।

उन्होंने बताया कि मितानिनों की मुख्यमंत्री दवा पेटी में नियमित रूप से दवाइयों की रिफिलिंग सुनिश्चित की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण किया गया है। साथ ही हाट-बाजारों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा समस्याग्रस्त गांवों की पहचान कर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. सांडिया के अनुसार संभाग में 177 डायरिया संभावित क्षेत्र, 538 संवेदनशील गांव, 810 पहुंचविहीन गांव तथा 638 संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का चिह्वांकन किया गया है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पेयजल स्रोतों की पहचान कर क्लोरीनेशन एवं ब्लीचिंग पाउडर के माध्यम से जल शुद्धिकरण का कार्य भी कराया गया है।

उन्होंने नागरिकों से शुद्ध पेयजल के उपयोग, गर्म एवं ताजा भोजन के सेवन, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलभराव रोकने की अपील की है। साथ ही मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी के उपयोग तथा बुखार, उल्टी-दस्त जैसी शिकायत होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने की सलाह दी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित