जगदलपुर , अप्रैल 14 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक नई पहल करते हुए ''रेड (रिचिंग एवरी डिलिवरी) कॉल सेंटर'' की शुरुआत की है।

सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर महारानी अस्पताल परिसर में स्थापित इस कॉल सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस पहल का उद्देश्य जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और प्रसव को सुरक्षित बनाना है।

जिला पीआरओ ने मंगलवार को बताया कि जिला कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस केंद्र का उद्घाटन एक नवजात शिशु की माता के हाथों कराया गया, जो इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। यह पहल इस संदेश को रेखांकित करती है कि मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में महिलाओं की सहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है।

''हरिक मांय, हरिक पिला'' (खुश मां, खुश बच्चा) अभियान के तहत संचालित इस कॉल सेंटर के माध्यम से विशेष रूप से उन गर्भवती महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनकी गर्भावस्था सात से नौ माह के बीच है या जो उच्च जोखिम की श्रेणी में आती हैं। कॉल सेंटर के प्रतिनिधि नियमित रूप से इन महिलाओं से फोन के माध्यम से संपर्क कर उन्हें संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में जानकारी देंगे और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही, उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

यह पहल केवल प्रसव तक सीमित नहीं है। प्रसव के बाद भी 30 दिनों तक मां और नवजात शिशु की स्वास्थ्य स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाएगी। कॉल सेंटर के माध्यम से नियमित फॉलो-अप कर संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित इस व्यवस्था से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम छोर तक सुनिश्चित हो।

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