जगदलपुर , मई 30 -- ) छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जनगणना-2027 के प्रथम चरण 'मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना' का कार्य निर्धारित समय सीमा में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।

यह अभियान एक मई से शुरू होकर 30 मई 2026 को संपन्न हुआ। प्रशासन के अनुसार इस चरण में तैयार की गई मकानसूची फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनसंख्या गणना के लिए आधार का कार्य करेगी। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों ने घर-घर पहुंचकर मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जानकारी संकलित की। इस दौरान भारत सरकार द्वारा निर्धारित 33 बिंदुओं पर मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और परिवारों की परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़े एकत्र किए गए। संकलित जानकारी को सुरक्षित रूप से भारत सरकार के सर्वर पर अपलोड किया गया है। जिले की 10 तहसीलों के अंतर्गत 642 गांवों और दो नगरीय निकायों में यह कार्य संपादित किया गया। इसके लिए 10 ग्रामीण चार्ज और दो नगरीय चार्ज बनाए गए थे, जिनके अंतर्गत कुल 1,398 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक गठित किए गए।

अभियान के संचालन के लिए कुल 1,699 अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। इनमें दो प्रमुख जनगणना अधिकारी, तीन जिला स्तरीय अधिकारी, 12 चार्ज अधिकारी, दो मास्टर ट्रेनर, 36 फील्ड ट्रेनर, 1,409 प्रगणक तथा 235 पर्यवेक्षक शामिल थे। प्रशासन के अनुसार दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचने की चुनौतियों के बावजूद प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा किया। जिले का कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से वंचित नहीं रहा तथा नागरिकों ने भी अभियान में सक्रिय सहयोग दिया।

आकाश छिकारा ने प्रथम चरण की सफलता पर जिलेवासियों का आभार व्यक्त करते हुए फरवरी 2027 में होने वाले द्वितीय चरण 'जनसंख्या गणना' में भी इसी प्रकार सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम-1948 एवं जनगणना नियमावली-1990 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी और उनका उपयोग केवल नीति निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।

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