जगदलपुर , अगस्त 05 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में मानसून के दौरान आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले एक माह में जिले में 600 से अधिक लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आंखों से संबंधित शिकायत लेकर मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन लापरवाही बरतने पर संक्रमण तेजी से फैल सकता है। विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से बचने तथा किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर ही उपचार कराने की अपील की है।
चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम में बढ़ी नमी और धूल के कारण आंखों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कंजंक्टिवाइटिस आंख की बाहरी पारदर्शी झिल्ली का वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से आसानी से फैलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार और आवश्यक सावधानियां अपनाने पर यह संक्रमण सामान्यतः सात से 15 दिनों में ठीक हो जाता है, जबकि घरेलू नुस्खों या लापरवाही से संक्रमण बढ़ सकता है और समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है।
सीएमएचओ डॉ. संजय बासक ने कहा, "बारिश के मौसम में हर साल आई फ्लू के मामले सामने आते हैं। वर्तमान में महारानी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में कुछ मरीज नियमित रूप से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।" उन्होंने बताया कि जिले के सभी बीएमओ और नेत्र रोग विशेषज्ञों को मरीजों की काउंसलिंग करने, समय पर उपचार उपलब्ध कराने और बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।"स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंख लाल होना, पानी आना, खुजली या जलन जैसे लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार से बचें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। डॉक्टरों का कहना है कि आई फ्लू गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन समय पर इलाज और सावधानी बरतकर इसके फैलाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
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