जगदलपुर , सितंबर 08 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक मोतियाबिंद से पीड़ित 720 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों की आंखों की जांच और जरूरतमंद विद्यार्थियों को चश्मे उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजय बसाक, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता निर्मल और एनएचएम जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रीना लक्ष्मी की निगरानी में अंधत्व निवारण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों तक नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
विभाग ने बताया कि स्कूली विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण कर दृष्टि संबंधी समस्या वाले बच्चों की पहचान की जा रही है। जरूरत के अनुसार चश्मे वितरण के लिए विद्यार्थियों की सूची भी तैयार की जा रही है।
इसी क्रम में मुस्लिम इस्लामिक कमेटी परिसर में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सामान्य बीमारियों के साथ नागरिकों की आंखों की जांच कर आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
वहीं, शासन के निर्देश पर जिले में 25 अगस्त से आठ सितंबर तक 'नेत्रदान पखवाड़ा' आयोजित किया गया। इसके तहत गांवों, कस्बों और स्कूलों में लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सात सितंबर को आयोजित जन-जागरूकता अभियान में नागरिकों को मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नेत्रदान अभियान से जुड़कर दृष्टिहीन लोगों की सहायता में योगदान देने की अपील की है।
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