जगदलपुर , जून 24 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 30 मेधावी छात्रों को पहली बार देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माण का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह पहल क्षेत्र के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 12 से 24 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए बस्तर विश्वविद्यालय के छात्रों का चयन आंतरिक परीक्षा की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। चयनित 30 छात्र पहली बार हवाई यात्रा के माध्यम से चेन्नई पहुंचकर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार चयनित छात्रों को राज्यपाल की उपस्थिति में रवाना किया जाएगा। छात्रों की हवाई यात्रा का संपूर्ण व्यय दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा। इस पहल को सफल बनाने में बस्तर जिला प्रशासन का भी महत्वपूर्ण योगदान बताया गया है।
बस्तर विश्वविद्यालय के कुलपति मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को सेमीकंडक्टर चिप विनिर्माण, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत डेटा हस्तांतरण प्रणाली तथा आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इससे छात्रों को उद्योगों की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। रायपुर में स्थापित हो रही गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) आधारित 5जी एवं 6जी डेटा ट्रांसफर तकनीक से जुड़ी कंपनी में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बस्तर के युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी संस्थानों और उभरते उद्योगों तक उनकी पहुंच मजबूत होगी। विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने वाली साबित हो सकती है।
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