जगदलपुर , फरवरी 28 -- छत्तीसगढ़ के बस्तर की गौरवशाली संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की है। संयुक्त राष्ट्र की मेंटर और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक किर्सी ह्यवैरिनेन ने अपने छह दिवसीय प्रवास के दौरान इस क्षेत्र की अद्वितीय परंपराओं को करीब से जाना और समझा। अपने इस भ्रमण के समापन पर शनिवार को उन्होंने बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा से औपचारिक मुलाकात की। इस बैठक के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन भी उपस्थित रहे, जहां बस्तर के पर्यटन और समग्र विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

जिला पीआरओ से आज (शनिवार) मिली जानकारी के अनुसार,कलेक्टर आकाश छिकारा और सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन से मुलाकात के दौरान किर्सी ह्यवैरिनेन ने विशेष रूप से धुड़मारास भ्रमण के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यहां की स्थानीय जनजीवन, लोक परंपराओं और आदिवासी संस्कृति ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने बस्तर के स्थानीय लोगों के अतिथि सत्कार और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। किर्सी का मानना है कि बस्तर की जड़ें अपनी परंपराओं में इतनी गहरी हैं कि यह किसी भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटक के लिए एक अविस्मरणीय गंतव्य बन सकता है।

विगत छह दिनों से बस्तर के विभिन्न अंचलों का भ्रमण करने के बाद शनिवार को किर्सी ह्यवैरिनेन ने यहां से भावुक होकर विदाई ली। उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी, यहां की कला और यहां के लोगों की सादगी ने उनका दिल जीत लिया है। एक अंतरराष्ट्रीय मेंटर के रूप में उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बस्तर की इस समृद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने की आवश्यकता है, जिससे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय कारीगरों एवं कलाकारों को लाभ हो सके।

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