नवी मुंबई, जनवरी 13 -- यूपी वॉरियर्ज़ (यूपीडब्ल्यू) के कोच अभिषेक नायर ने बल्लेबाज़ी क्रम में बदलाव को विपक्षी टीम के आधार पर बनाई गई रणनीति बताया और माना कि हरलीन देओल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी) के ख़िलाफ़ ओपनिंग कराने का फ़ैसला ग़लत था। उन्होंने इस फ़ैसले की पूरी ज़िम्मेदारी ख़ुद पर ली। इस मैच में किरण नवगिरे को नंबर-4 पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया, जबकि उन्होंने पहले मैच में ओपनिंग की थी।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में नायर ने सोमवार को कहा, "हमें लगा कि उस वक़्त स्विंग करती हुई गेंद के साथ हरलीन पावरप्ले में कुछ वैल्यू जोड़ सकती हैं।" इस मैच में यूपीडब्ल्यू, डब्ल्यूपीएल 2026 में अपना लगातार दूसरा मैच हार गई।
नायर ने कहा, "हरलीन तकनीकी तौर पर बहुत मजबूत है, लेकिन आज यह रणनीति काम नहीं की और यह एक ग़लत फ़ैसला साबित हुआ। मैं इसकी पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं। लेकिन इसके पीछे सोच यह थी कि टीम को ऊपर कुछ मजबूती मिले और जैसे-जैसे पिच बेहतर हो, तो बाद में हमें नवगिरे का पावर भी मिले। हमने शुरुआत में थोड़ी स्विंग की उम्मीद की थी। मुझे लगा कि मध्य क्रम में किरण नवगिरे के लिए ये मैच-अप काम करेगा। आज काम नहीं किया। इसलिए मैं थोड़ा सा नासमझ भी लग सकता हूं।"गुजरात टाइटंस के ख़िलाफ यूपीडब्ल्यू के पहले मैच में नवगिरे चार गेंद पर एक रन बनाकर आउट हुई थीं, जबकि देओल दो गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन में थीं। हालांकि फ़ीबी लिचफ़ील्ड की 78 और निचले क्रम की उपयोगी पारियों ने यूपीडब्ल्यू को 200 के ऊपर के लक्ष्य से काफ़ी क़रीब पहुंचा दिया था और टीम सिर्फ़ दस रन से हारी थी।
इन्हीं उपयोगी पारियों में से एक पारी श्वेता सहरावत की भी थी, जिन्होंने 17 गेंद पर 25 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के और एक चौका शामिल था। नंबर-6 पर खेलते हुए उन्होंने रेणुका सिंह की पहली ही गेंद को एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का मारा था।
स्वभाव से शीर्ष क्रम की बल्लेबाज सहरावत ने इस भूमिका की तैयारी के लिए घरेलू क्रिकेट में भी मध्य क्रम में बल्लेबाज़ी की थी। उन्होंने सीनियर वीमेंस टी20 ट्रॉफ़ी में 144.57 की स्ट्राइक रेट और महिला अंडर-23 टी20 ट्रॉफ़ी में 157.89 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। यूपीडब्ल्यू कैंप में आने के बाद उन्हें विकेटकीपिंग की भी एक अतिरिक्त भूमिका दी गई।
नायर ने कहा, "मुझे लगता है, यह उनके करियर के आगे बढ़ने के लिए एक शानदार क़दम है। उन्हें ग्लव्स देना मेरे दिमाग़ में एक केएल राहुल जैसा मूव था, जिससे उनके भारतीय टीम में जगह बनाने के मौक़े बढ़ेंगे, ख़ासकर यह देखते हुए कि भारत के पास विकेटकीपिंग के बहुत विकल्प नहीं हैं। वह शानदार बल्लेबाज हैं, जिनमें क्षमता, पावर और स्टाइल है। वह कुछ शॉट्स पर काम कर रही हैं और हमने ये अभ्यास मैचों और तैयारी के दौरान देखा है। लेकिन मैच में भी इसका नमूना देखना अच्छा था। मुझे इस सीजन उनसे और उम्मीदें हैं क्योंकि मुझे सच में लगता है कि उनमें भारतीय जर्सी पहनकर बेहतरीन प्रदर्शन करने की क़ाबिलियत है।
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