बलौदाबाजार-भाटापारा , जून 14 -- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल विकासखंड के खर्वे गांव में पिछले दिनों हुई आठ ग्रामीणों की संदिग्ध मौतों के मामले की जांच ने अब नया मोड़ ले लिया है। ग्रामीणों द्वारा कथित जहरीली शराब से मौत होने का आरोप लगाये जाने तथा निष्पक्ष जांच की मांग के बाद प्रशासन ने मामले की जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
जिला प्रशासन से आज प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार गत शनिवार को पुलिस, राजस्व विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम गांव पहुंची। विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत एक मृतक का शव कब्र से निकालकर परीक्षण के लिए सुरक्षित किया गया। मृतक की पहचान मैत्रु साहू के रूप में की गई है। शव तथा अन्य आवश्यक नमूनों को विस्तृत फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हाल के दिनों में जिन आठ लोगों की मौत हुई, उन्होंने कथित रूप से एक ही स्रोत से शराब का सेवन किया था। उनका कहना है कि शराब पीने के कुछ ही समय बाद प्रभावित लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि शराब में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ मिलाया गया था।
मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने पूर्व में कसडोल थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया था तथा निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए विशेष फॉरेंसिक परीक्षण कराने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर लोगों को पिलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शराब सेवन के 10 से 15 मिनट के भीतर लोगों की हालत बिगड़ने लगी थी। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल इस संबंध में किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले तीन दिनों के दौरान गांव में आठ लोगों की मौत हुई है। मृतकों के परिजनों का दावा है कि सभी प्रभावित व्यक्तियों ने कथित रूप से वही शराब पी थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। आवश्यकता पड़ने पर अन्य मृतकों के शवों का भी परीक्षण कराया जा सकता है। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों के बयान दर्ज कर साक्ष्य संकलन में जुटी हुई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित